अगर आप होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ब्याज दरों में कटौती शुरू कर दी है और CRISIL की रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 में ब्याज दरें 50-75 बेसिस प्वाइंट (bps) तक घट सकती हैं।
इसका सीधा मतलब यह है कि लोन लेना सस्ता हो जाएगा और आपकी EMI कम होगी। आइए जानते हैं कि इस बदलाव से आपको कितना फायदा होगा और आपकी EMI पर क्या असर पड़ेगा।
ब्याज दरों में कटौती से क्या फायदा होगा?
फरवरी 2025 में RBI ने रेपो रेट 6.5% से घटाकर 6.25% कर दिया। CRISIL की रिपोर्ट के अनुसार, अगले वित्तीय वर्ष में इसमें और 50-75 bps की कटौती हो सकती है। इससे कई फायदे होंगे—
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- लोन सस्ते होंगे और EMI घटेगी।
- लोग ज्यादा लोन लेंगे, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
- कंपनियां और उद्योगों में निवेश बढ़ेगा, जिससे नई नौकरियां मिलेंगी।
- महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और रोजमर्रा की चीजें महंगी नहीं होंगी।
EMI पर कितना असर पड़ेगा?
अगर आप 20 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए लेते हैं और ब्याज दरें 0.75% घटती हैं, तो—
- आपकी EMI ₹1,500-2,000 तक कम हो सकती है।
- 20 साल में कुल ₹3-4 लाख रुपये की बचत होगी।
- ब्याज दरें और घटने पर यह बचत और बढ़ सकती है।
महंगाई को 4% पर लाने की कोशिश
RBI का मकसद सिर्फ लोन सस्ता करना नहीं, बल्कि महंगाई को नियंत्रित करना भी है। सरकार और RBI मिलकर महंगाई को 4% के दायरे में रखने की कोशिश कर रहे हैं ताकि लोगों को राहत मिल सके।
कैश फ्लो बढ़ेगा, GDP को फायदा मिलेगा
कम ब्याज दरों का असर सिर्फ EMI पर ही नहीं, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
- लोन सस्ता होगा, तो लोग ज्यादा खरीदारी करेंगे।
- सरकार के बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) 10.1% बढ़ाया गया है जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी योजनाओं में निवेश बढ़ेगा।
- वित्तीय घाटा 4.8% से घटकर 4.4% होने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ग्लोबल मार्केट और भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर
हालांकि, ब्याज दरों में कटौती से भारतीय बाजार में पैसा बढ़ेगा, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितताओं के कारण निर्यात पर असर पड़ सकता है।
- विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार ज्यादा आकर्षक नहीं रह सकता।
- प्राइवेट सेक्टर का निवेश प्रभावित हो सकता है।
- लेकिन भारत की घरेलू मांग और सरकारी नीतियां अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखेंगी।
महंगाई में और कमी की उम्मीद
CRISIL की रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 में महंगाई दर और कम हो सकती है।
- रबी फसलों की बुवाई 1.5% बढ़ी है, जिससे खाद्य आपूर्ति बेहतर होगी।
- कच्चे तेल की कीमतें घटकर 70-75 डॉलर प्रति बैरल आ सकती हैं, जिससे ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें काबू में रहेंगी।
क्या आपको नया लोन लेना चाहिए?
अगर आप होम लोन, कार लोन, या पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं, तो यह सही समय हो सकता है।
- ब्याज दरें घट रही हैं, इसलिए आप कम EMI में लोन ले सकते हैं।
- अगर आपके पास पहले से लोन है, तो रीफाइनेंसिंग का विकल्प देख सकते हैं।
- ब्याज दरों पर नजर रखें और सही समय पर लोन के लिए आवेदन करें।
1 अप्रैल 2025 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ, ब्याज दरों में और कमी की उम्मीद है। इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वालों को बड़ा फायदा मिलेगा।
- EMI कम होगी, बचत बढ़ेगी और इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी।
- अगर आप लोन लेने की सोच रहे हैं, तो ब्याज दरों पर नजर रखें और सही समय पर अप्लाई करें।
- RBI के नए नियमों से आपकी जेब पर बोझ कम होगा और घर खरीदने का सपना पूरा करना आसान होगा।