भारत सरकार ने 8 मार्च 2025 से राशन कार्ड योजना में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। यह नई पहल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को भोजन और आर्थिक सहायता प्रदान करना है। सरकार के इन सुधारों से भूखमरी कम होगी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाया जाएगा।
नई राशन कार्ड योजना की विशेषताएं
इस योजना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनमें सबसे अहम हैं:
- डिजिटल राशन कार्ड: पारंपरिक कागजी कार्ड की जगह अब डिजिटल राशन कार्ड का इस्तेमाल किया जाएगा।
- आधार आधारित सत्यापन: योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए e-KYC प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है।
- वन नेशन, वन राशन कार्ड (ONORC): अब देशभर में कहीं भी राशन प्राप्त किया जा सकता है, जिससे प्रवासी श्रमिकों को बड़ा फायदा होगा।
मुफ्त राशन और आर्थिक सहायता
नई योजना के तहत, पात्र परिवारों को हर महीने निःशुल्क राशन दिया जाएगा:
- प्रति व्यक्ति: 5 किलो चावल और 5 किलो गेहूं
- प्रति परिवार: 1 किलो दाल और 1 किलो चीनी
- अतिरिक्त सहायता: ₹1000 प्रति माह सीधे बैंक खाते में जमा किए जाएंगे।
यह वित्तीय सहायता गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद करेगी।
राशन कार्ड के लिए पात्रता और आवश्यक दस्तावेज़
राशन कार्ड के लिए कुछ मुख्य पात्रता मानदंड तय किए गए हैं:
- परिवार की आय गरीबी रेखा से नीचे (BPL) होनी चाहिए।
- सभी लाभार्थियों के पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है।
आवश्यक दस्तावेज़:
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- पासपोर्ट साइज फोटो
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
राशन कार्ड के लिए nfsa.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन किया जा सकता है:
- “Apply for Ration Card” विकल्प चुनें।
- फॉर्म में सही जानकारी भरें।
- आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
- फॉर्म सबमिट करने के बाद आवेदन क्रमांक नोट कर लें।
अगर नाम सूची में नहीं आता है, तो नजदीकी खाद्य विभाग कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
राशन कार्ड योजना 2025 सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जो गरीब परिवारों को भोजन और आर्थिक सहायता प्रदान करती है। डिजिटलीकरण, पारदर्शिता और सरल प्रक्रियाएं इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाती हैं। सभी पात्र नागरिकों को इस योजना का लाभ उठाने की सलाह दी जाती है।